ढेसी ने बाबा को वीआइपी ट्रीटमेंट और एसी की सुविधाएं देने को अफवाह बताया। ढेसी के मुताबिक अदालत का फैसला आते ही बाबा की जेड प्लस सुरक्षा खत्म हो गई थी। पहले डेरा प्रमुख को सड़क मार्ग से ले जाना चाहते थे, लेकिन हिंसा के चलते उन्हें हेलीकॉप्टर से ले जाया गया। इसका खर्च हरियाणा सरकार ने दिया। हिंसा में मारे गए सभी लोग बाहर से हैं और डेरा प्रमुख के समर्थक हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल जैन के साथ दिल्ली भाजपा मुख्यालय में हालात पर चर्चा की। डेरा हिंसा पर हरियाणा के एएसजी सत्यपाल जैन ने अपने बयान में कहा कि केवल पंचकुला में 28 लोगों की मौत हो गयी। वहीं हाईकोर्ट ने डेरा की संपत्ति का ब्यौरा मंगलवार तक सौंपने का निर्देश दिया है। हरियाणा के डीजी ने आश्वासन दिया है कि स्थिति नियंत्रण में है। दूसरी ओर राम रहीम के 6 सुरक्षागार्ड समेत दो डेरा समर्थकों पर भी देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है।
खबर के अनुसार, फिलहाल मुख्यालय में एक से डेढ़ हजार समर्थक मौजूद हैं और उनके पास लाठियां व पत्थर होने की खबर है। हालांकि डीजीपी ने बताया कि परसों रात तक समर्थकों के पास किसी प्रकार के हथियार नहीं थे। बता दें कि शुक्रवार देर रात सेना ने डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय को घेर लिया था। वहीं करनाल में 15 समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। दूसरे इलाकों में भी डेरा सील किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन व पुलिस ने कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, समेत 36 डेरों को सील कर दिया है। उमरी गांव का डेरा खाली कराया जा रहा है। दूसरी ओर कल की हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गयी है। शुक्रवार से जारी बवाल पर केंद्र सरकार भी निगरानी कर रही है। खबर है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार सुबह अधिकारियों की एक मीटिंग बुलाई है।
सीबीआई अदालत ने राम रहीम को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की तीन धाराओं 376 (बलात्कार), 506 (डराने-धमकाने) एवं 509 (महिला की इज्जत से खिलवाड़)- के तहत दोषी ठहराया है। राम रहीम को कम से कम 7 साल सश्रम कारावास की सजा होनी तय है। निर्भया कांड के बाद पारित आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2013 के तहत बलात्कार के अपराधियों को कम से कम 7 साल के सश्रम कारावास और अधिक से अधिक आजीवन कारावास तथा जुर्माने के प्रावधान हैं।
आईपीसी की धारा 506 के तहत अधिकतम दो साल की सजा अथवा जुर्माना अथवा दोनों के प्रावधान हैं। वर्ष 2013 में किए गए संशोधन के अनुसार धारा 509 के तहत अधिकतम 3 साल की साधारण सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले इस धारा के तहत एक साल के साधारण कारावास अथवा जुर्माना अथवा दोनों की व्यवस्था थी। नए संशोधन में कुछ ऐसे प्रावधान भी किए गए हैं, जिसके तहत बलात्कार के अपराधी को कम से कम 10 साल सश्रम कारावास एवं अधिक से अधिक आजीवन कारावास की व्यवस्था की गई है। इनमें पुलिस अधिकारी द्वारा बलात्कार, अभिरक्षा में बलात्कार, बार-बार बलात्कार, किसी न्यास और संस्था के प्रमुख द्वारा वहां रहने वाली महिलाओं के साथ बलात्कार आदि शामिल हैं।
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