कांग्रेस नेता ने कहा,देश में 96 फीसदी कैश लेनदेन होता है। जहां तक नकली नोटों की बात है, उन्होंने दावा किया कि 15 लाख 28 हजार वापस आ गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि केवल 41 करोड़ नकली नोट हैं। इसके लिए भारत में आर्थिक अराजकता लाई गई। भारत की जीडीपी को बड़ा नुकसान हुआ। 1.5 प्रतिशत जीडीपी टूट गई। यह प्रधानमंत्री का निजी फैसला था। इनको उम्मीद थी कि बड़ा पैसा वापस नहीं आएगा इसीलिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि टेरर फंडिंग का कम से कम 4-5 लाख करोड़ रुपया है जो वापस नहीं आएगा। आज सरकार इसपर क्या कहेगी? बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वार्षिक रिपोर्ट 2016-17 में बताया कि नोटबंदी के दौरान बैन किए गए 1000 रुपये के पुराने नोटों में से करीब 99 फीसदी बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट आए हैं। 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट (1.3 फीसदी) नहीं लौटे हैं। पिछले साल नवंबर में लागू की गई नोटबंदी के दौरान देश में प्रचलन में रहे 15.44 लाख करोड़ रुपये के प्रतिबंधित नोट में से 15.28 लाख करोड़ रुपये बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट कर आ गए हैं।
इसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के फायदे गिनाते हुए कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य केवल कालाधन खत्म करना नहीं था बल्कि इससे और भी सुधार करने थे। उन्होंने नोटबंदी के जरिए डिजिटल ट्रांजैक्सन को बढ़ावा मिलने की बात कही और इसके फायदे गिनवाए थे।
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