डेरा तलाशी : सिरसा डेरा में राम रहीम के यहां मिला विस्फोटक बनाने का कारखाना..
(DELHI, DELHI) डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के ठिकाने की तलाशी के लिए जारी अभियान के दूसरे दिन परिसर में पटाखे बनाने का एक अवैध कारखाना मिला है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को शुरू किए गए इस व्यापक तलाशी अभियान में पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और हरियाणा पुलिस के जवान शामिल हुए। राज्य के जन संपर्क विभाग के उप निदेशक सतीश मेहरा ने बताया, डेरा परिसर में एक पटाखा बनाने के कारखाने का पता चला है और यह अवैध कारखाना है। उन्होंने बताया कि वहां से पटाखा बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विस्फोटक सामग्री भी मिली है। मेहरा ने बताया, अवैध कारखाने को सील कर दिया गया है।

तलाशी अभियान के पहले दिन गुरमीत सिंह की उस कथित गुफा की फारेंसिक जांच भी की गई जिसका इस्तेमाल वह कथित तौर पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के लिए करता था। डेरा से बिना रजिस्टर्ड लग्जरी कार और कुछ प्रतिबंधित नोट भी बरामद किए गए। करीब 12 घंटे चले इस अभियान के दौरान कुछ कमरों को सील भी किया गया और वहां से हार्ड डिस्क ड्राइव और बिना लेबल की कुछ दवाएं भी बरामद की गईं।
इस तलाशी अभियान की पूरी प्रक्रिया को सेवानिवृत्त जिला और सेशंस जज एकेएस पवार की निगरानी में चलाया गया और इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। पवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस कार्य के लिए 'कोर्ट कमिश्नर' नियुक्त किया था ।

डेरा मुख्यालय की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर धारा-144 लागू है और यहां 4 से ज्यादा लोगों के जमा होने पर रोक है। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को डेरा परिसर में जाने की अनुमति नहीं है हालांकि, सिरसा शहर में जनजीवन सामान्य हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ पुलिस बस और अर्धसैनिक बलों के वाहनों, त्वरित कार्य बल के वाहनों , बम निरोधक दस्ते और तोड़-फोड़ निरोधक टीम के वाहन, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लेकर जाने वाले वाहनों सहित बड़ी संख्या में वाहनों ने डेरा परिसर में प्रवेश किया।

विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों को लेकर जिला प्रशासन के वाहन भी डेरा परिसर के भीतर पहुंचे। इसके अलावा, कुछ दकमल गाड़ियां, कुछ अन्य मशीनों और ट्रैक्टरों को भी तलाशी अभियान में लगाया गया। डेरा के पास 16 'नाका' बनाए गए हैं और सिरसा जिला में पैरामिलिट्री बलों की 41 कंपनियों को तैनात किया गया है। डेरा मुख्यालय से अलग हो चुके बहुत से पूर्व डेरा अनुयायियों ने मीडिया को बताया था कि डेरा प्रमुख और उनके करीबी सहयोगियों के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति को गुफा या डेरा प्रमुख के निजी आवास में जाने की अनुमति नहीं थी

करीब 800 एकड़ में फैले डेरा को तलाशी अभियान के लिए दस जोन में बांटा गया है और हर जोन का संचालन एक वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। डेरा परिसर में शैक्षणिक प्रतिष्ठान, बाजार, एक अस्पताल, स्टेडियम, मनोरंजन केंद्र और आवास बने हुए हैं। कुछ फिल्मों का निर्देशन और सह-निर्माण करने वाले डेरा प्रमुख के परिसर में कुछ ऐसी दुकानें भी हैं जहां दो साल पहले शुरू हुए एमएसजी ब्रांड के उपभोक्ता उत्पाद बेचे जाते थे। सर्च ऑपरेशन की कमान जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने में माहिर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रशिक्षित जवान संभाल रहे हैं। सर्च ऑपरेशन के लिए डेरे के क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए अलग-अलग ड्यूटी मजिस्ट्रेट व सर्च टीम लगाई गई है। हर सेक्टर में सर्च ऑपरेशन को एक-एक एसपी लीड कर रहा है। पुलिस की हर टीम में 50-50 सदस्य हैं। टीमों के साथ डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता भी हैं। प्रत्येक टीम के साथ एक जनप्रतिनिधि व बैंक अधिकारी भी मौजूद हैं। सर्च अभियान की पूरी वीडियोग्राफी हो रही है। छह आइपीएस अधिकारी भी इस ऑपरेशन में शामिल हैं। बताया जाता है कि तलाशी हरियाणा पुलिस की टीमें कर रही हैं और अर्द्धसैनिक बलों के जवान सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं।

Digital Desk: Administrator

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