मर्डर के दोनों मामलों में गुरमीत मुख्य आरोपी है। पहले चर्चा थी कि सीबीआई की अदालत एक बार फिर जेल में लगाई जा सकती है। हाई प्रोफाइल मामले में सुरक्षा कारणों के चलते जेल प्रशासन ने गुरमीत के लिए जेल में ही अस्थाई अदालत और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था की है
सिरसा से प्रकाशित एक सांध्य दैनिक समाचार पत्र के संपादक रामचंद्र छत्रपति ने डेरामुखी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली साध्वी के गुमनाम पत्र को प्रमुखता से छापा था। इसके बाद 24 अक्तूबर 2002 को छत्रपति की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। 12 साल से सीबीआई कोर्ट में ही सुनवाई चल रही है।
इसी तरह करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का केस भी सीबीआई में चल रहा है। इसमें डेरा सच्चा सौदा के पूर्व अनुयायी हंसराज चौहान ने आरोप लगाया था कि डेरामुखी के आदेश पर उसे व 400 अन्य साधुओं को जबरन नपुंसक बना दिया था। इस पर डेरामुखी के खिलाफ अंगभंग का केस दर्ज किया गया था।
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