यह राजमार्ग नागरिक और सैन्य उद्देश्य से इस्तेमाल होने वाले हवाईअड्डे और तिब्बत के दूसरे सबसे बड़े शहर के बीच दूरी को आधा घंटा कम करेगा। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने विशेषज्ञों को उद्धृत करते हुए कहा है कि इससे चीन दक्षिण एशिया में व्यापार और रक्षा के संदर्भ में अपनी पहुंच बढ़ा सकेगा। भौगोलिक रूप से दक्षिण एशिया तक सड़क या रेल संपर्क का कोई भी विस्तार भारत, भूटान और बांग्लादेश से हो कर जाएगा। चीनी अधिकारियों ने पहले कहा है कि परियोजनाएं व्यवहारिक हैं और अगर नई दिल्ली साथ दे तो भारत तथा चीन के लिए एक व्यापार गलियारा बन सकता है।
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