लाठीचार्ज के बाद लंका एसओ भेलुपुर सीओ और एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट हटाए गए
(Varanasi, Varanasi) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शनिवार आधी रात के बाद छात्राओं पर लाठीचार्ज और छात्रों के हिंसात्मक प्रदर्शन की लपटें दूसरे दिन भी उठती रहीं। तनाव को देखते हुए बीएचयू परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। रविवार सुबह से ही बिड़ला छात्रावास के सामने धरना दे रहे छात्रों में से 16 को पुलिस ने शाम करीब पांच बजे हिरासत में ले लिया। वहीं, विश्वविद्यालय में दो अक्तूबर तक अवकाश घोषित होने के बाद प्रशासन ने हॉस्टल खाली कराना शुरू कर दिया है। शाम तक कई हॉस्टलों से छात्र अपने घर रवाना हो चुके थे। कई डिग्री कॉलेज आज से बंद रहेंगे।

शनिवार को पूरी रात आगजनी पथराव और सुरक्षा बलों के लाठीचार्ज का सिलसिला जारी रहा। रात दो बजे बिड़ला छात्रावास के सामने छात्रों को अंदर खदेड़ा। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरी रात विभिन्न हॉस्टलों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

हालात यह थे कि बीएचयू परिसर मे सारी रात धमाके गूंजते रहे। उत्पाती छात्रों ने पुलिस बल को छकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रविवार की सुबह उजाला होने के पहले तक हर थोड़ी देर पर कभी हवाई फायरिंग तो बोतल बम के धमाके होते रहे। रविवार की सुबह-सुबह ब्रोचा चौराहे के निकट खड़े एक ट्रैक्टर में आग लगा दी गई। सुबह-सुबह फिर से आगजनी को देखते हुए मौके पर और पुलिस बल बुला लिए गए। ब्रोचा और बिड़ला छात्रावास के सामने छात्रों का समूह जुटने लगा।

यहां छात्र लगातार वीसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शांति मार्च निकालने की मांग कर रहे थे। मौके पर सुरक्षा बलों के साथ मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। छात्रों ने उग्रता प्रदर्शित करने की कोशिश की तो सुरक्षा बलों ने भी कड़ाई से उनका प्रतिकार किया। इसके बाद फिर छात्रों ने अहिंसक रुख दिखाते हुए बिड़ला चौराहे पर शांतिपूर्ण सभा शुरू कर दी। इस सभा के माध्यम से छात्रों ने यह बताने की कोशिश की कि बाहरी तत्वों ने विश्वविद्यालय का माहौल अशांत किया है। छात्राओं पर लाठीचार्ज की घटना की निंदा करते हुए वे हर थोड़ी-थोड़ी देर पर वीसी-वीसी गो बैक-गो बैक का नारा लगाते रहे।

Digital Desk: Administrator

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