प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं पर शनिवार की रात हुए लाठीचार्ज के मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चीफ प्रॉक्टर ओएन सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार (26 सितंबर) की रात वीसी जीसी त्रिपाठी ने इस्तीफे को मंजूर कर लिया है। मंगलवार को ही कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने कुलपति को तत्काल हटाने की मांग की है। वाराणसी के कमिश्नर नितिन गोकर्ण ने मुख्य सचिव राजीव कुमार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासन को दोषी ठहराया है। इस बीच बीएयचू प्रशासन ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है। शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गोकर्ण ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेज दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत पर संवेदनशील तरीके से गौर नहीं किया और वक्त रहते इसका समाधान नहीं किया गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर वक्त रहते इस मामले को सुलझा लिया गया होता, तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता।
Digital Desk: Kamal
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