दिल्ली के विज्ञान भवन में स्वच्छ भारत अभियान के तीन साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को पीएम मोदी ने संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता सभी चाहते हैं लेकिन सफाई कोई नहीं करना चाहता। उनहोंने कहा कि जब तक देश के लोग सफाई का संकल्प नहीं लेंगे स्वच्छता नहीं होगी।
मुझे विश्वास है अगर समाज की शक्ति को स्वीकार करके चलें, जन भागीदारी को स्वीकार करके चलें तो ये अभियान सफल होता जायेगा। पीएम मोदी ने कहा कि हमें मर्यादाओं का ध्यान रखते हुए भी बदलाव लाना है। जो किड्स हैं बच्चे हैं ये स्वच्छता के सबसे बड़े एम्बेसडर हैं। आज जब किसी स्कूल में बच्चे सफाई करते हैं तो यह मेन खबर बनती है।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर कोई बाहर से हिंदुस्तान देखेगा तो ताजमहल इतना अच्छा, लेकिन गंदगी देखकर कैसा लगेगा। मां को पूछिए कि जब बाहर जाने से पहले सारी चीजें ठीक से रख देतें हैं तो कैसा लगता है तो मां जरूर कहेगी कि घर की सफाई में आधा दिन चला जाता था लेकिन अब बहुत जल्दी सारा काम हो जाता है। माताएं बहनें अगर सुबह बाहर जाती हैं। अगर दिन हो गया तो उन्हें अंधेरे का इंतजार करना पड़ता है। उनका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहेगा।
मोदी ने कहा कि स्वच्छता न होने की वजह से हर वर्ष एक परिवार पर 50 हजार रुपये का बोझ पड़ता है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।