जीएसटीएन के सीईओ प्रकाश कुमार के अनुसार जीएसटीएन पोर्टल पर इस यूटिलिटी का नाम कैंसलेशन ऑफ रजिस्ट्रेशन ऑफ माइग्रेटेड टैक्सपेयर रखा गया है। इस सुविधा को बुधवार को जीएसटी पोर्टल पर लॉन्च कर दिया गया है।
गौरतलब है कि जीएसटी पर अभी करीब एक करोड़ टैक्स देने वाले कारोबारियों पंजीकृत हैं। इनमें से 72 लाख वैसे कर दाता हैं जो पहले ही एक्साइज सर्विस टैक्स और वैट से अलग होकर जीएसटी में आए हैं। करीब 28 लाख करदाता ऐसे हैं जिन्होंने हाल ही में जीएसटी में अपना नया रजिस्ट्रेशन कराया है। कुमार ने बताया कि 20 लाख माइग्रेटेड कारोबारी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी इनवॉइस अभी तक इशू नहीं की है ऐसे कारोबारी अगर चाहें तो अपना रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर कैंसल कर सकते हैं।
पोर्टल में प्रोफाइल के नीचे रजिस्ट्रेशन कैंसल का ऑप्शन यूटिलिटी REG 29 प्रोफाइल सेक्शन के ठीक नीचे बनाया गया है। टैक्सपेयर जैसे ही जीएसटीएन पर लॉगइन करेंगे, उन्हें यह ऑप्शन दिखाई देगा। एक अनुमान के हिसाब से औसतन अभी तक सिर्फ 50 लाख कारोबारी हर महीने अपना रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कई ऐसे कारोबारी हैं जिन्होंने 1 जुलाई से अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है और न ही जीएसटी के अंतर्गत टैक्स दिया है।
गौरतलब है कि 20 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी में नहीं शामिल होने की छूट मिली हुई है। यानी उन्हें जीएसटी में अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा।
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