नोेएडा में बन रहे फूड एंड हर्बल पार्क के लिए बगैर परमिशन के सैकड़ों पेड़ काटे जाने का आरोप लगाते हुए औसाफ समेत नौ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि किसकी इजाजत से हरे पेड़ काटे गए। पेड़ काटते वक्त सरकारी कर्मचारी और पुलिस कैसे मौजूद थी।
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन अखिलेश यादव की सरकार ने पिछले साल बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को फूड ऐंड हर्बल पार्क के लिए नोएडा के कादिलपुर और सिलका गांव में साढ़े चार हजार एकड़ जमीन दी थी। अखिलेश यादव ने पिछले साल एक दिसंबर को लखनऊ में पार्क का शिलान्यास भी किया था।
नोएडा के औसाफ समेत नौ किसानों ने याचिका दाखिल कर बगैर अनुमति के छह हजार पेड़ काटे जाने का आरोप लगाया है। हालांकि राज्य सरकार और यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी ने जवाब दाखिल कर कोर्ट को बताया है कि उन्होंने पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी। जो जमीन बाबा रामदेव की कंपनी को दी गई वह पहले कई किसानों को 30 साल के पट्टे पर दी गई थी। मामले में सुनवाई की अगली तारीख 14 नवंबर तय की गई है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।