सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले पर असहमति व्यक्त की है, जिसमें कहा गया था कि शादी के बाद महिला का धर्म उसके पति के धर्म के साथ मिल जाता है, यानी वह अपने आप पति के धर्म की हो जाती है। इसके साथ ही कोर्ट ने ज़ोरोऑस्ट्रियन ट्रस्ट से कहा है कि वह अपना निर्णय वापस ले, जिसके तहत एक महिला को 'टावर ऑफ साइलेंस' तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। बता दें कि पारसी समुदाय में 'टावर ऑफ साइलेंस' उस जगह को कहते हैं, जहां मृत शरीर को अंतिम गति के लिए छोड़ा जाता है। दरअसल महिला ने दूसरे धर्म के शख्स से शादी की थी, इस वजह से उसे पैरंट्स के अंतिम संस्कार में शामिल होने से रोका गया था।
Digital Desk: Kamal
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