(India)
इस घोटाले में तत्कालीन टेलीकॉम मंत्री ए. राजा, डीएमके नेता करुणानिधि की बेटी और राज्यसभा सांसद कनीमोझी, तत्कालीन टेलीकॉम सेक्रेट्री सिद्धार्थ बेहरुआ और ए. राजा के मंत्री रहते उनके निजी सचिव रहे आरके चंदोलिया सहित 17 उद्योगपति भी आरोपी थे।गुरुवार को सीबीआई के 80,000 पेज के चार्जशीट और लंबी सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट में इस घोटाले पर फैसला सुनाया । इस मामले में सीबीआई कोर्ट में सबूत पेश करने में नाकाम रही।जिसके चलते सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।
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