पाकिस्तान ने कहा कि उसने इंडियन डिप्टी हाई कमिश्नर को कुलभूषण जाधव से मिलने की इजाजत दी। पाकिस्तान ने इसे कांसुलर एक्सेस बताया जबकि भारत ने कहा ये कासुलर एक्सेस नहीं है।
कुलभूषण जाधव के परिवार की मांग पर पाकिस्तान सरकार ने उनकी पत्नी और मां को मिलने कि इजाजत थी। हालांकि भारत पहले ही सोवरेन गांरटी हासिल कर चुका था। जिसके बाद पाकिस्तान की तरफ से उनके परिवार से किसी तरह की पूछताछ नहीं की जा सकती थी।
पाकिस्तान के सामने दूसरी यह शर्त यह थी कि जब तक कुलभूषण का परिवार पाक की धरती पर रहेगा उसे पूरी सुरक्षा देनी होगी।
पाकिस्तान ने भारत से यह कहा था कि जाधव के परिवार की मीडिया से बात करने की इजाजत दें। लेकिन इस बात की भारत सरकार से इजाजत नहीं दी गई। इसकी वजह परिवार की सुरक्षा बतायी गई।
तीसरी भारत की तरफ से यह शर्त थी कि कुलभूषण के परिवार के साथ भारतीय उच्चायोग का ऑफिसर होगा। पाकिस्तान ने इसे मान लिया था। जिसके बाद डिप्टी हाई कमिश्नर जेपी सिंह को साथ भेजा गया था।
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