इस वर्ष किया गया यह तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण है जिसमें सामने से आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को धरती के वातावरण के 30 किलोमीटर की ऊंचाई के दायरे में सफलतापूर्वक निशाना बनाकर उसे नष्ट किया गया है। परीक्षण के बाद रक्षा सूत्रों ने कहा कि यह एक सीधा निशाना था और यह बड़ी सफलता है।
इससे पहले 11 फरवरी और 1 मार्च 2017 को दो परीक्षण किये जा चुके हैं। ये बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं। सूत्रों ने कहा परीक्षण उड़ान के दौरान इंटरसेप्टर के विभिन्न मानकों के सत्यापन के लिए किया गया और सभी सफल रहे।
चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र आईटीआर के प्रक्षेपण परिसर तीन से टारगेट मिसाइल-पृथ्वी मिसाइल दागी गई। सूत्रों ने बताया कि 7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट प्रणोदन निर्देशित यह मिसाइल हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मेकैनिकल एक्टीवेटर वाली दिशा निर्देशन प्रणाली से लैस है। इस मिसाइल का अपना खुद का मोबाइल लांचर है और यह दुश्मन मिसाइल को निशाना बनाने के लिए सुरक्षित डेटा लिंक, आधुनिक राडार और अन्य तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी विशिष्टताओं से युक्त है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।