बताया जा रहा है कि पांच न्यायाधीशों की ये पीठ आधार कार्ड कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले मामले और सहमति से वयस्क समलैंगिकों के बीच यौन संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने के फैसले को चुनौती देने से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में सुनवाई करेगी। इसी पीठ ने पिछले साल 10 अक्तूबर से विभिन्न मामलों में सुनवाई की थी। इनमें प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच टकराव का मामला भी है।
Digital Desk: Kamal
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