जबकि 67 करोड़ भारतीयों की संपत्ति में सिर्फ एक फीसदी का इजाफा हुआ है, जो देश की कुल आबादी का करीब आधा हिस्सा है। यह सर्वे इंटरनेशनल राइट्स ग्रुप ऑक्सफेम की तरफ से दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की बैठक से महज कुछ घंटे पहले ही रिलीज किया गया है। जहां पर दुनियाभर के शक्तिशाली और अमीर लोग इकट्ठा हो रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर अगर देखें तो आंकड़े और भी चिंता पैदा कर रहे हैं। सर्वें में बताया गया है कि पिछले साल दुनिया में अर्जित की गई कुल संपत्ति का 82 फीसदी हिस्सा सिर्फ एक फीसदी के पास गया है। जबकि, 3.7 बिलियन आबादी जो कुल आबादी का आधा हिस्सा है उसकी संपत्ति में कोई परिवर्तन नहीं आया है। पिछले साल हुए सर्वे में यह बताया गया था कि भारत की कुल संपत्ति का 58 फीसदी हिस्सा सिर्फ एक फीसदी अमीरों के पास है जो दुनियाभर में ज्यादा है। पूरी दुनिया में यह आंकड़ा 50 फीसदी था।
ओक्सफेम इंडिया के मुताबिक, इस साल के सर्वे में यह भी पता चला है कि 2017 के दौरान भारत के एक फीसदी अमीरों की संपत्ति में 20.9 लाख करोड़ रूपये को पार कर गई है। ये केन्द्र सरकार के 2017-18 के कुल बजट के बराबर है। रिवॉर्ड वर्क, नोट वेल्थ शीर्षक के साथ ओक्सफेम की तरफ से जारी इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि कैसे दुनियाभर में अमीरों की संपत्ति में लगातार तेज़ी के साथ इजाफा हो रहा है जबकि सैकड़ों करोड़ों लोग गरीबी रेखा के नीचे संघर्ष कर दो जून की रोटी के लिए मशक्कत कर रहे हैं।
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