पढ़ें वे 5 कारण जिनकी वजह से चीन और पाकिस्तान अब भारत से पंगा लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे।
हाल में 17 जनवरी को भारत परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम सतह से सतह पर मार करने वाली लंबी दूरी कीबैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफलता पूर्वक परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 5000 किलोमीटर है। इसकी जद में पूरा चीन एशिया और यूरोप के कुछ देश शामिल हैं। रक्षा विशेषज्ञा के मुताबिक इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी है इसकी स्पीड। यह 17000 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करती है। यानी दो मिनट से कम समय में यह पाकिस्तान के किसी भी शहर को निशाना बना सकती है। चीन की राजधानी बीजिंग को निशाना बनाने में सिर्फ 15 मिनट का वक्त लगेगा। रक्षा विशेषज्ञों में अनुसार इस मिसाइल की खूबी यह भी है कि यह एक ही बार में 10 टार्गेट्स को निशाना बना सकती है। इतना ही नहीं 1000 किलो का वजनी परमाणु बम किसी भी लक्ष में गिरा सकती है।इस मिसाइल के सफल परीक्षण से रक्षा मामले में भारत भी अब अमेरिका, रूस और चीन की बराबरी में खड़ा हो गया है।
इसरों ने अपना 100 वां सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेजते हुए 11 जवनवरी को पीएसएलवी सी-40 का सफलता पूर्वक प्रक्षेपण किया। पीएसएलवी सी-40 के जरिए कार्टोसैट 2 समेत अन्य 30 उपग्रह सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में स्थापित किए गए। इस उपग्रह को भारत की आंख भी कहा गया है। खबरों के अनुसार इस सेटेलाइट में ऐसे हाई रिजॉल्यूशन वाले मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरे कैमरे लगे हैं जो चीन और पाकिस्तान सीमा के इलाकों की साफ तस्वीर दिखाएंगे। इससे दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखी जा सकेगी। यानी पाकिस्तान यदि अब कुछ गलत करता है तो उसे तुरंत ही इसका परिणाम भुगतना होगा। कार्टोसैट 2 की नजर से बचकर कोई भी नहीं निकल पाएगा।
भारत में चीनी मोबाइल का मार्केट भी बहुत बड़ा है। मोबाइल मार्केट में चीन का 55 से 56 फीसदी का कब्ज़ा है लेकिन यदि गलती से भी चीन भारत से भिड़ने की भूल करता है तो श्याओमी और अलीबाबा जैसी कंपनियों का निवेश भारत में डूब सकता है। ऐसे में चीन किसी भी हालत में भारत से रिश्ते खराब नहीं करना चाहेगा।
पाकिस्तान को अमेरिका से मिल रही मदद बंद- इसी साल 4 जनवरी को ट्रंप सरकार ने पाकिस्तान को दी जारी सुरक्षा मदद को बंद करने का ऐलान किया। इससे फैसले से न सिर्फ पाकिस्तान के हौसले पस्त हुए बल्कि अब वह भारत के खिलाफ कोई बड़ा रक्षा सौदा नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव भी पढ़ा है जो कि भारत की कूटनीति की सफलता मानी जा सकती है। अमेरिका की फटकार झेल चुका पाकिस्तान अब काफी कमजोर पड़ चुका है ऐसे में वह भारत से व्यर्थ में पंगा नहीं लेना चाहेगा।
भारत पर गलत इरादे से नजर रखने वालों को यह बात भी समझ लेना चाहिए कि भारतीय सेना दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है। ग्लोबल फायरपावर ने अपनी लिस्ट में चौथा स्थान भारत को दिया है। भारत का कुल रक्षा बजट 40 अरब डॉलर का है। हिंदुस्तान की सेना मजबूती इसके सैनिकों से है। इंडियन आर्मी में करीब 3.5 मिलियन सैनिक हैं जिनमें लगभग 1.325 मिलियन सक्रिय सैनिक हैं। इस सेना में 16 हजार गाड़ियां 3500 टैंक और 1785 एयरक्राफ्ट के साथ-साथ शक्तिशाली न्यूक्लियर हथियार और मिसाइल्स भी शामिल हैं।
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