दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में कई जगहों पर भूकंप के झटके
(DELHI, DELHI) दिल्ली-एनसीआर जम्मू-कश्मीर समेत उत्तर भारत में कई जगहों पर बुधवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। ये झटके दोपहर करीब साढ़े 12 बजे महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदकुश क्षेत्र में बताया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर एवं जम्मू-कश्मीर के अलावा उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश में काफी तेज झटके महसूस किए गए। भारत में अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। भूकंप के झटकों के बाद कई जगहों पर लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए गए।
भूकंप के झटके सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी इसका असर देखा गया। यहां भी लोग घरों से बाहर आए गए।
यूरोपियन-मेडिटेरियन सिस्मोलॉजी सेंटर ईएमएससी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई है।
6.1 तीव्रता के भूकंप के बाद पाकिस्तान में जान-माल के नकुसान की खबर है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक यहां के बलूचिस्तान के लसबेला इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं।
पाकिस्तान के लाहौर, इस्लामाबाद और पेशावर शहर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
धरती की प्लेटों के टकराने से। हमें पृथ्वी की संरचना को समझना होगा। पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इसके नीचे तरल पदार्थ लावा है। ये प्लेटें इसी लावे पर तैर रही हैं और इनके टकराने से ऊर्जा निकलती है जिसे भूकंप कहते हैं।
दरअसल ये प्लेंटे बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस तरह ये हर साल 4-5 मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कभी-कभी ये टकरा भी जाती हैं।
करीब 30-50 किमी तक नीचे हैं। लेकिन यूरोप में कुछ स्थानों पर ये अपेक्षाकृत कम गहराई पर हैं।
भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
ऐसा जरूरी नहीं। लेकिन कई बार पहले छोटे झटके लगते हैं और उसके बाद बड़े भूकंप आते हैं। दूसरे कई बार पहले बड़ा भूकंप आता है फिर हल्के झटके लगते हैं। भूकंप आने के बाद अगले 24 घंटों तक भूकंप के झटके फिर लगने का खतरा रहता है।
औसतन 20-25 भूकंप आते हैं। या यूं कहें तो हम महसूस करते हैं। इनके केंद्र दुनिया के अलग-अलग कोने में होते हैं।
इसके लिए घर या अन्य संपत्ति का बीमा कराना चाहिए।

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