इस खुलासे के बाद बैंक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दिये एक बयान में बताया कि लेनदेन कुछ चुनिंदा खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए उनकी सहमति से किया गया, ताकि इस आधार पर विदेश में उन ग्राहकों को दूसरे बैंकों से भी अच्छे पैसे मिलते रहें।
आपको बता दें कि पीएनबी देश में कर्ज देने वाली दूसरी सबसे बड़ी बैंक है और संपत्ति के मामले में चौथी सबसे बड़ी बैंक है। बैंक ने अभी तक इस धोखाधड़ी में शामिल लोगों के नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन कहा है कि इस सौदेबाजी की सूचना प्रवर्तन एजेंसियों को दी गई है। अब इसका मूल्यांकन किया जाएगा इस लेनदेन से जवाबदेही बनती है या नहीं।
पीएनबी की ओर से कहा गया कि बैंक में ये लेन-देन आकस्मिक प्रवृति के हैं और इनपर देनदारी का फैसला कानून और अंतर्निहित लेनदेन के आधार पर किया जाएगा।
शेयर बाजार में आज सुबह (बुधवार) कारोबारी सत्र में पीएनबी के शेयर 4.1% गिरावट के साथ खुले और गिरकर 5.7 फीसदी तक चले गए। बिकवाली की वजह से बैंक का शेयर करीब 8 फीसद टूट गया। करीब 12 बजे पीएनबी का शेयर 7.67 फीसद की गिरावट के साथ 149 रुपए पर कारोबार कर रहा है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह बैंक की मुंबई ब्रांच में 177.17 करोड़ डॉलर के फ्रॉड की खबर है।
पीएनबी पर पहले भी फर्जी लेनदेन के आरोप लगे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने बताया कि पिछले सप्ताह देश के सबसे धनी लोगों में शुमार अरबपति जौहरी निर्वाक मोदी के खिलाफ जांच शुरू की गई है। जौहरी और कुछ अन्य पर पीएनबी को 44 मिलियन डॉलर धोखा देने का आरोप लगा है।
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