शनिवार को रोटोमैक समूह के चेयरमैन उद्योगपति विक्रम कोठारी ने मीडिया के सामने आकर अपने बारे में उड़ रही अटकलों का खंडन किया था। उन्होंने कहा था कि कानपुर से ही इज्जत और नाम कमाया है। ये देश मेरा है और अपना शहर व देश छोड़कर जाने की अटकलें कोरी अफवाह हैं। बैंकों का मुझ पर लोन है और इस संबंध में मामला एनसीएलटी में चल रहा है। बैंक और मैं एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं और मिलकर समाधान का रास्ता निकाल रहे हैं। व्यापारी हूं और बैंकों पर बकाया अपने कर्ज का पूरा भुगतान करूंगा।
उन्होंने कहा कि कानपुर का रहने वाला हूं और कानपुर का निवासी हूं। इसी शहर से शोहरत कमाई है। इसे छोड़कर कहीं जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आगे कहा कि भारत मेरा देश है और इसे कैसे छोड़ सकता हूं। बैंकों पर लोन का मामला स्वीकारते हुए कहा कि ये मामला एनसीएलटी में चल रहा है। एनसीएलटी कमेटी के साथ नियमित बैठक हो रही है। इस संबंध में बैंकों के साथ तीन बैठकें हो चुकी हैं। मैं और बैंक हर तरह से एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं और बैंकों के साथ मिलकर समाधान तलाश रहे हैं। रोटोमैक समूह के चेयरमैन ने उम्मीद जताई कि वे जरूर किसी रास्ते पर निकलेंगे क्योंकि नीयत साफ है। बैंकों को बकाया रकम चुकाना है। व्यापार करते हैं और व्यापार ही करते रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक कोठारी पर इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक समेत कई सार्वजनिक बैंकों को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि कानपुर के कारोबारी कोठारी ने पांच सार्वजनिक बैंकों से 4000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया था। सूत्रों के अनुसार कोठारी को ऋण देने में इलाहाबाद बैंक बैंक ऑफ इंडिया बैंक ऑफ बड़ौदा इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नियमों के पालन में ढिलाई की।
गौरतलब है कि यह जानकारी ऐसे समय सामने आयी है जब महज एक सप्ताह पहले पंजाब नेशनल बैंक में करीब 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी खुलासा हुआ है। फिलहाल CBI ने पंजाब नेशनल बैंक पीएनबी की ब्रैडी रोड शाखा के समूचे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया और गहन तलाशी अभियान शुरू किया।
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