पहले भी सत्यपाल सिंह ने वैज्ञानिक नियमों पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले उन्होंने डार्विन के विकास के सिद्धांत पर प्रश्नचिह्न लगाया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा था, ‘पृथ्वी पर जब मानव को देखा गया था तब से वे मानव ही हैं। हमारे पूर्वजों ने बंदर के आदमी बनने का कभी भी उल्लेख नहीं किया।’ बता दें कि अखिल भारतीय वैदिक सम्मेलन में सत्यपाल सिंह द्वारा दिए गए इस बयान पर वैज्ञानिक समुदाय ने असहमित जताई थी। शोध-अनुसंधान से जुड़े संगठनों ने केंद्रीय मंत्री के बयान के खिलाफ साझा बयान जारी कर इसका कोई वैज्ञानिक आधार न होने की बात कही थी।
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