सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छा मृत्यु की इजाजत सम्मान से मरने का पूरा हक
(DELHI, DELHI) सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका में मरणासन्न व्यक्ति की ओर से उसकी इच्छा मृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत (लिविंग विल) को मान्यता देने की मांग की गई थी। 'लिविंग विल' एक लिखित दस्तावेज होता है जिसमें कोई मरीज पहले से ये निर्देश देता है कि मरणासन्न स्थिति में उसके पहुंचने या रजामंदी नहीं दे पाने की हालत में उसे किस तरह का इलाज दिया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 11 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अंतिम सुनवाई में केंद्र ने इच्छा मृत्यु का हक़ देने का विरोध करते हुए इसके दुरुपयोग होने की आशंका जताई थी। पिछली सुनवाई में संविधान पीठ ने कहा था कि 'राइट टू लाइफ' में गरिमापूर्ण जीवन के साथ-साथ गरिमामय ढंग से मृत्यु का अधिकार भी शामिल है' ऐसा हम नहीं कहेंगे। हालांकि पीठ ने आगे कहा कि हम ये जरूर कहेंगे कि गरिमापूर्ण मृत्यु पीड़ा रहित होनी चाहिए।

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