वहीं टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की दो सुनवाई में कपिल सिब्बल शामिल नहीं हुए हैं। इसी बीच यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिब्बल द्वारा सुनवाई में शामिल न होना कांग्रेस द्वारा सिब्बल से केस को छोड़ने के लिए कहना हो सकता है। इस केस को लड़ रहे मुस्लिमों का कहना है कि जहां तक वे जानते हैं कि सिब्बल ने कुछ समय के लिए ब्रेक लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि कांग्रेस ने कपिल सिब्बल को क्या निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें संवैधानिक मुद्दों पर कपिल सिब्बल की जरूरत है।
Digital Desk: Kamal
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