रिपोर्ट में कहा गया है कि एलजी ऑफिस की ओर से कई योजनाओं पर बिना वजह आपत्ति की गई है। यह सब योजनाओं को लटकाने के लिए किया गया था। हायर एजुकेशन लोन गारंटी स्कीम और डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ सर्विसेज ऐसी ही दो योजनाएं हैं, जिनको लेकर एलजी ने अपना फैसला पलटा और सरकार के प्रपोजल में बिना किसी बदलाव के ही उन्हें मंजूरी दी गई। सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि संविधान के मुताबिक एलजी किसी योजना या सरकार के प्रपोजल पर अपना अलग विचार जाहिर कर सकते हैं, लेकिन वह योजनाओं को रोक रहे हैं। सरकार के सभी नीतिगत फैसलों को एलजी को मंजूरी देनी ही होती है। सर्विसेज मैटर यानी भर्ती प्रक्रिया, प्रमोशन और खाली पदों की भर्ती का मामला एलजी के दायरे में आता है।
Digital Desk: Kamal
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