मंदिर के मुख्या प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप जेना ने बताया कि इस दौरान दर्शनार्थियों को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर के खजाना घर का नाम रत्न भंडार गृह है। रत्न भंडार गृह का निरिक्षण करने वाली टीम को सिर्फ भवन को देखने की इजाजत होगी। उन्हें किसी भी खजाने वाली संदूक को खोलने या उन्हें हाथ लगाने की इजाजत नहीं होगी।
उन्होंने बताया की रत्न भंडार गृह में प्रवेश करने वाले को सिर्फ एक लंगोटी गमछा लपेटकर ही अंदर जाने की अनुमति होगी। ये सभी लोग जब रत्न भंडार गृह में जायेंगे तो जाने से पहले और बाद में अपनी तलाशी देंगे। रत्न भंडार गृह के अंदर जाने वालों को किसी भी प्रकार की सामग्री ले जाने की छूट नहीं होगी। हालाँकि कुछ ख़बरों में कहा गया है कि रत्न भंडार गृह देखने वालों को ऑक्सीजन का सिलिंडर और टार्च ले जाने की इजाजत होगी।
रत्न भंडार गृह का निरीक्षण करने वाले 10 लोगों की टीम में पुरी के गजपति महाराजा और आर्कियोलॉजी के दो अधिकारी शामिल हैं बताया जा रहा है इन लोगों को भी मंदिर के खजानें में हाथ लगाने की इजाजत नहीं होगी। प्रदीप जेना मीडिया को बताया कि हो सकता है कि रत्न भंडार गृह में सांप भी निकलें इसलिए पहले से ही सांप पकड़ने वालों को बुलवाया जाएगा ताकि कोई अनहोनी न हो।
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