(India)
कर्नाटक चुनाव और अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा अब एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। खास कर दलितों के मुद्दे पर दोनों दल एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोलने में लगे हैं। उधर संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामे की भेंट चढ़ने को लेकर भी दोनों पार्टियों में तनातनी जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ते नजर आ रहे हैं। इन सबके बीच कांग्रेस और भाजपा उपवास की रणनीति अपनाई है। एक ओर जहां भाजपा 12 अप्रैल को अपने सांसदों से उपवास रखने को कहा तो वहीं कांग्रेस ने आज ही देशव्यापी उपवास का कार्यक्रम रखा है।
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