यूके में पीएम मोदी बोले लाखों समस्याएं हैं तो सवा सौ करोड़ समाधान भी हैं
(India) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन स्थित वेस्टमिन्स्टर हॉल में भारत की बात, सबके साथ कार्यक्रम में देश के कई मुद्दों और सवालों के भी जवाब दिए। मोदी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा कि देश मैं बदलूंगा। लेकिन ये विश्वास है कि लाखों समस्याएं हैं तो सवा सौ करोड़ समाधान भी है। अर्जेंटीना के प्रधानमंत्री मेरे अच्छे मित्र हैं उन्होंने कहा कि नोटबंदी के वक्त मैं और पत्नी चर्चा करते थे कि मेरा दोस्त गया। 86 फीसदी करेंसी कारोबारी व्यवस्था से गायब हो जाए लेकिन देशवासियों पर मेरा भरोसा था कि मेरा देश ईमानदारी के लिए जूझ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरा सामान्य आदमी कष्ट झेलने को तैयार है। ये मेरे देश की ताकत है तो मुझे अपनी जिंदगी इस ताकत के अनुरूप ढालना चाहिए। दरअसल, मोदी की जरूरत है मुझपर पत्थर फेंकते हैं कचरा फेंकते हैं गालियां देते हैं मैं अकेला हूं झेलता रहता हूं। मैंने कभी लिखा था- जो लोग मुझे पत्थर फेंकते हैं मैं उस पत्थरों से ही रास्ता बना देता हूं और उसी पर आगे बढ़ता हूं। मेरा विचार टीम इंडिया का रहा है। सरकार रुकावट बनना बंद कर दे ना तो भी देश आगे बढ़ जाता है।
मोदी ने कहा कि मैं मेहनत करता हूं वो मुद्द नहीं है अगर ना करता तो मुद्दा है। सवा सौ करोड़ देशवासियों ने मुझे क्यों बताया है। ना मेरी कोई चाची है और ना मेरा कोई वंशवाद है। मेरे पास एक ही पूंजी है, कठोर परिश्रम प्रामाणिकता और मेरे सवा सौ करोड़ देशवासियों का प्यार। उन्होंने कहा कि मुझे ज्यादा से ज्यादा मेहनत करनी चाहिए। मैं देशवासियों से कहना चाहूंगा कि मैं भी आपके जैसा ही सामान्य नागरिक हूं। मुझमें वो सारी कमिया हैं जो सामान्य आदमी में होती है। आप मुझे अपने जैसा ही मानो जो हकीकत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जहां बैठा हूं वो व्यवस्था का हिस्सा है। मेरे भीतर एक विद्यार्थी है। मैं शिक्षकों का आभारी हूं कि उन्होंने मेरे भीतर के विद्यार्थी को कभी मरने नहीं दिया। मुझे जो दायित्व मिलता है उससे मैं सीखने और समझने की कोशिश करता हूं। मेरे पास अनुभव नहीं है मुझसे गलतियां हो सकती हैं। मैंने भरोसा दिया था कि गलतियां कर सकता हूं लेकिन ये गलत इरादे से कभी नहीं करूंगा। लंबे समय तक गुजरात में मुख्यमंत्री का काम किया और अब चार साल से प्रधानसेवक का काम कर रहा हूं। गलत इरादे से कोई काम नहीं करूंगा ये देश को वादा किया है।
मोदी ने कहा कि हमारे देश में सरकारों ने वो रवैया अपनाया जिससे लोग सरकारों पर आश्रित हो जाएं। सरकार के बिना गुजारा ना हो। मैं समझता हूं कि ये विचार समाज को दुर्बल बना देता है। ऐसा इको सिस्टम तैयार किया जिससे 11 करोड़ लोगों ने मुद्रा योजना का लाभ उठाया है। इनमें 74 प्रतिशत महिलाएं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं जब मुख्यमंत्री था सबसे ज्यादा पत्र यूरिया के लिए लिखे। पहले यूरिया के लिए लोग कतार में खड़े रहते थे। लाठी चार्ज होता था। मेरे प्रयासों से बिना नया कारखाना लगाए बीस लाख टन यूरिया का उत्पादन बढ़ गया। हमने यूरिया का नीम कोटिंग किया। इससे गरीबों को रोजगार मिला। इससे यूरिया की चोरी बंद हो गई।

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