भारत-चीन मोदी-शी मुलाकात से सुधरेंगे संबंध डोकलाम विवाद से बाहर आने में मिलेगी मदद
(DELHI, DELHI) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस हफ्ते के आखिर में होनेवाली अप्रत्याशित शिखर बैठक की घोषणा से ऐसा लगता है कि इसने अचानक भारत-चीन संबंधों को पटरी पर ला दिया है।

व्यापार और वाणिज्य को लेकर दुनियाभर में संरक्षणवादी नीति की ओर बढ़ने के बीच प्रतिष्ठत नेता माओ जेडोंग से ताल्लुकात रखनेवाले मध्य चीन के शहर वुहान दोनों नेताओं की आगवानी करेंगे। जहां वे यांगटेज नदी के किनारे घूमेंगे मंथन करेंगे और सड़क समेत द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे।

भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा है। दोनों देशों के बीच मतभेद की कई वजह है, जैसे- सीमा विवाद, तिब्बत के धर्मगुरू दलाई लामा को शरण देना और इस्लामाबाद के बीजिंग के साथ घनिष्ठ संबंध होने के साथ ही दक्षिए एशिया में चीन का बढ़ता दबदबा। इसके चलते भारती चीन का संबंध काफी जटिल हो चुका है।

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