बलात्कारी आसाराम को लड़कियां सप्लाई करती थी शिल्पी को सजा
(India) नाबालिक से रेप के आरोपी आसाराम को जोधपुर की एक अदालत ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आसाराम के साथ, शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता(सेविका), शरदचंद्र उर्फ शरतचंद्र को भी दोषी करार दिया है। वहीं शिवा उर्फ सवाराम (आसाराम का प्रमुख सेवादार), प्रकाश द्विवेदी (आश्रम का रसोइया) को बरी कर दिया है। आसाराम केस दोषी करार हुई शिल्पी वही लड़की है जो आसाराम के पास लड़कियां भेजती थी।

शिल्पी आसाराम के मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा आश्रम की वॉर्डन थी। शिल्पी की कॉल डिटेल्स से सामने आया था कि वो आसाराम के लिए लड़कियों को प्रबंधन कराती थी। वह लड़कियों को बहला-फुसलाकर आसाराम के पास जाने के लिए मजबूर कर देती थी। शिल्पी ने ही पीड़िता के परिवार को ये कहा था कि उनकी बेटी पर किसी आत्मा का साया है, भूत-प्रेत उतारने के लिए वो अपनी बेटी को आसाराम के आश्रम में भेज थे। शिल्पी की बातों में आकर बेटी माता पितान ने उसे आसाराम के पास भेज दिया। जिसके बाद नाबालिग ने आसाराम पर उसके साथ रेप करने का आरोप लगाया था।

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