आतंकी बने प्रोफेसर का आखिर कॉल पापा मुझे माफ कर देना मैं अल्लाह के पास जा रहा हूं
(DELHI, DELHI) जम्मू कश्मीर के शोपियां में हुए एनकाउंटर में प्रोफेसर से आतंकी बना मुहम्मद रफी भट भी मारा गया। एक होनहार प्रोफेसर का आतंकी बनना कई सवाल खड़े कर रहा है? उनके पास डॉक्ट्रेट की डिग्री थी। विश्वविद्यालय में संविदा (contracts)पर पढ़ाने का काम था एक शानदार भविष्य उसके सामने खड़ा उसका इंतजार कर था। उसने जिस लड़की से शादी की थी उसकी उम्र मुश्किल से बीस साल होगी। वह एक शिक्षक था और सम्मानित था। उसके समाजशास्त्र विभाग के स्टूडेंट बता रहे हैं कि वह बेहद नरमी से बोलने वाले थे विनम्र और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज में बीते 18 महीने में उनके टीचर ने कभी भी एक भी क्लास मिस नहीं की।

तो फिर ऐसा इनसान उजाले से अंधेरे की तरफ कैसे चला गया? यह है वह सवाल, जिससे जम्मू एवं कश्मीर के समाजशास्त्री और राजनेता जूझ रहे हैं। वे 33 साल के असिस्टेंट प्रोफेसर मुहम्मद रफी भट की मौत को समझ नहीं पा रहे हैं। शोपियां जिले में रविवार को आतंकवादियों से सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में रफी का मारा जाना तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतर पा रहा है। कश्मीर में ऐसे कितने ही युवा हुए हैं जो हिंसा की धारा में बह गए।

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