जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण की विशेष खंडपीठ ने कहा कि सदन को फैसला लेने दें और सबसे अच्छा तरीका शक्ति परीक्षण होगा। भाजपा की ओर से पेश पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने विश्वासमत साबित करने के लिए सोमवार तक का वक्त मांगा था लेकिन पीठ ने उससे इनकार कर दिया। साथ ही शक्ति परीक्षण गुप्त मतदान के माध्यम से कराने का अनुरोध किया भी न्यायाधीशों ने अस्वीकार कर दिया।
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