बोधगया ब्लास्ट में एनआईए पांच साल बाद फैसला सुनाया, सभी पांचों आरोपी दोषी करार
(India) बोधगया ब्लास्ट में एनआईए की विशेष अदालत ने पांच साल बाद फैसला सुनाया । कोर्ट ने सभी पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। छठा आरोपी नाबालिग था। उसे पहले ही तीन साल कैद की सजा सुनाई गई थी। वह अभी जेल में बंद है। 7 जुलाई, 2013 की सुबह साढ़े 5 से 6 बजे के बीच महाबोधि मंदिर में एक के बाद एक नौ विस्फोट हुए थे। आतंकियों ने महाबोधि वृक्ष के नीचे भी दो बम लगाए थे। ये सिलेंडर बम थे, जिसमें टाइमर लगा हुआ था।
इनमें एक तिब्बती बौद्ध भिक्षुऔर म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे। 31 मई को सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी। एनआईए के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिन्हा ने 11 मई 2018 को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। यह बिहार में एनआईए कोर्ट का पहला फैसला है।
एनआईए ने जांच में यह भी माना है कि इन आरोपियों ने रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई का बदला लेने के लिए बोधगया में सीरियल ब्लास्ट किया था।
इस मामले में रांची के हैदर अली , इम्तियाज अंसारी और मुजीवुल्लाह अंसारी तथा रायपुर के उमर सिद्दकी और अजहरुद्दीन कुरैशी के खिलाफ एनआईए ने 3 जून 2014 को चार्जशीट दायर की थी। ये सभी
एनआईए की टीम को बौद्ध भिक्षु के कपड़े पर एक बाल मिला था। बाल के डीएनए टेस्ट से एनआईए को हैदर के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। जांच एजेंसी का दावा है कि हैदर ने जब मंदिर में महाबोधि वृक्ष के पास बम रखा था, तो वह यही कपड़े पहने हुआ था।
ये ब्लास्ट उस वक्त भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के कुछ समय पहले हुए थे। गांधी मैदान में 7 तथा रेलवे स्टेशन पर 2 धमाके हुए थे।
इन धमाकों में रैली में आए 7 लोगों की मौत हुई थी और करीब 100 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में भी पुलिस ने इम्तियाज अंसारी को गिरफ्तार किया था।
अभी विशेष न्यायालय में बोधगया ब्लास्ट के अलावा गांधी मैदान बम ब्लास्ट, घोड़ासाहन रेलवे ट्रैक कांड, जाली नोट कांड समेत आठ महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई चल रही है।
बोधगया ब्लास्ट के आरोपी-
हैदर अली : रांची के डोरंडा थाना के हाथीखाना का रहने वाला है। 2014 से बेउर जेल में बंद है। यह ब्लास्ट का सरगना है। बौद्ध भिक्षु बनकर ब्लास्ट किया था। पांच बार वहां की रेकी की थी।
इम्तियाज अंसारी :रांची के ध्रुवा थाने के सीटियों का रहने वाला है। 2013 से जेल में बंद है। ब्लास्ट करने में इसने हैदर का साथ दिया था। वह भी उस दिन गया आया था।
मुजीबुल्लाह अंसारी : रांची के ओरमांझी थाने के चकला गांव का निवासी है। 2014 से बेउर जेल में बंद है।
उमर सिद्दीकी :छत्तीसगढ़ के रायपुर के राजा तालाब के नूरानी चौक का रहने वाला है। 2013 से जेल में बंद है। इसी के घर पर ब्लास्ट की योजना बनी थी।
अजहर कुरैशी :छत्तीसगढ़ के रायपुर के राजातालाब के नया बस्ती का रहने वाला है। 2013 से जेल में बंद है। बोधगया में ब्लास्ट करने की योजना बनाने में रायपुर में शामिल था।

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