अब 7 दिन ही बचे हैं। ऐसे में सभी की निगाहें इसमें भाग लेने वाली टीमों पर लगी हुईं हैं। फुटबॉल प्रशंसक अभी से गणित लगाने लगे हैं कि किस टीम का दावा कितना मजबूत है। वहीं, इसकी भी चर्चा है कि आखिर 4 बार की विश्व कप विजेता इटली और फीफा रैंकिंग की टॉप-10 टीमों में शामिल चिली फुटबॉल के इस महाकुंभ में भाग लेने के लिए क्यों नहीं क्वालीफाई कर सके। इटली ने पहली बार 1934 में फुटबॉल विश्व कप में भाग लिया था, तब से अब तक 84 साल के इतिहास में महज 3 मौके ही ऐसे आए हैं, जब 'अजूरी' के नाम से प्रसिद्ध यह टीम वर्ल्ड कप में भाग नहीं ले सकी है। वहीं, 2015 और 2016 में लगातार दो बार कोपा अमेरिका कप जीतने वाली चिली का भी वर्ल्ड कप में न उतरना प्रशंसकों को निराश कर रहा है। 2010 में फाइनल खेलने वाली नीदरलैंड भी इस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी है। हालांकि, पेरू इस बार 36 साल बाद विश्व कप में अपनी चुनौती पेश करेगा।
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