यह डोनल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन की ऐतिहासिक मुलाक़ात है। यह मुलाकात इतिहास की वो मुलाक़ात याद दिलाती है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और चीन के सर्वोच्च नेता माओ त्सेतुंग 1972 में मिले थे। अगर ट्रंप और किम सफल हो जाएं तो यह पूर्वोत्तर एशिया के सुरक्षा परिदृश्य में स्थायी परिवर्तन ला सकता है। निक्सन और माओ के मुलाकात के बाद चीन में भारी परिवर्तन देखने को मिला था।
Author: JAN TV Editorial Team
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