(India)
पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़ी एक नई जानकारी सामने आई है। घोटाला होने के बाद नीरव मोदी ने हाॅन्ग काॅन्ग स्थित अपनी छः कंपनियों के सभी डमी डायरेक्टर्स को हाॅन्ग काॅन्ग से काहिरा शिफ्ट कर दिया। हॉन्ग कॉन्ग स्थित एक डमी कंपनी अनुरागन के डायरेक्टर दिव्येश गांधी ने दावा किया है कि वह इन सभी 6 फर्जी कंपनियों का अकाउंट देख रहे थे। दिव्येश ने कहा कि घोटाला उजागर होने के बाद अमेरिका में रहने वाले नीरव मोदी के सौतेले भाई नेहल मोदी ने सभी डमी डायरेक्टर्स के मोबाइल फोनों को तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें हॉन्ग कॉन्ग से काहिरा शिफ्ट कर दिया गया। दिव्येश इस मामले में आरोपी नहीं हैं। उन्हें जांच एजेंसी ने गवाह बनाया हुआ है। दिव्येश ने यह भी कहा कि नीरव ने शेल कंपनियों के कर्मचारियों को स्वतः समाप्त होने वाली ईमेल सर्विस के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन को लेकर भी निर्देश दिया। ये ईमेल एक तय समय के बाद खुद से ही डिलीट हो जाते हैं और अपने पीछे कोई सबूत नहीं छोड़ते। गवाह बने दिव्येश ने बताया कि इन शेल कंपनियों और नीरव के अंकल मेहुल चौकसी की डमी कंपनियों के बीच वित्तीय लेन-देन भी हुए थे। दिव्येश ने कहा कि हालांकि हॉन्ग कॉन्ग की इन 6 कंपनियों के पते अलग-अलग थे लेकिन बैंकिंग, सेल-पर्चेज और आयात-निर्यात से संबंधित दस्तावेज एक जगह ही बनाए जाते थे। गवाह का यह बयान ईडी की चार्जशीट का हिस्सा है जो बैंकिंग घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में विशेष अदालत में दाखिल की गई है। चार्जशीट में यह बात दर्ज की गई है कि पीएनबी से फर्जी एलओयू के माध्यम से दुबई और हॉन्ग कॉन्ग स्थित शेल कंपनियों के अकाउंट में नीरव मोदी को पैसा मिला। नीरव ने इस पैसे का एक हिस्सा अपने परिवार के सदस्यों के खातों में ट्रांसफर किया और बाकी पैसे से लंबित पड़े एलओयू का भुगतान किया।
एक अधिकारी ने बताया कि हर बार नीरव मोदी ने बड़ी रकम वाले एलओयू का आवेदन दिया ताकि वह पहले के एलओयू का भुगतान कर सके और बचा पैसा बिजनस ऐक्टिविटी में लगा सके। अधिकारी के मुताबिक उसने बैंक अधिकारियों आयात-निर्यात बिजनस के फर्जी कागजात दिखाकर आश्वस्त किया। भारत स्थित कंपनियों सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, डायमंड आर यूएस, फायरस्टार डायमंट इंटरनैशनल और दुबई व हॉन्ग कॉन्ग स्थित डमी कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई।
कुछ डमी डायरेक्टर्स को उनके नाम का इस्तेमाल करने देने के लिए 8000 रुपये प्रति महीने की मामूली रकम दी गई। दिव्येश गांधी ने बताया कि एक बार क्रेडिट रिलीज होने के बाद नीरव और उसके सहयोगियों ने हीरा कारोबारी के इशारे पर आगे की क्रेडिट और पैसे के फ्लो को मैनेज किया। इस बीच एक स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने मंगलवार को ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए नीरव मोदी, उसके भाई, पिता, बहन और जीजा समेत अन्य के खिलाफ वॉरंट जारी किया है।
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