जम्मू-कश्मीर: सेना की आपत्ति के बावजूद सीजफायर बढ़ाएगी सरकार? जैश और लश्कर के 450 आतंकी अमरनाथ यात्रियों पर हमले की फिराक में
(India) नई दिल्ली
क्या ईद के बाद भी सरकार जम्मू-कश्मीर में सीजफायर कायम रखेगी? गुरुवार को मोदी सरकार इस मामले में फैसला लेने वाली है और सूत्रों की मानें तो इसकी पूरी संभावना है कि सीजफायर ईद के बाद भी बरकरार रहेगा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने रमजान के दौरान घाटी में सीजफायर का फैसला लिया था। हालांकि इस दौरान आतंकी गतिविधियों में इजाफा देखने को मिला।
सूत्रों की मानें तो इसकी पूरी संभावना है कि सीजफायर ईद के बाद भी बरकरार रहेगा।
युद्धविराम के संदर्भ में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का सवाल भी उठाया जा रहा है।
एजेंसियां हुर्रियत को बातचीत के लिए तैयार करने में काफी तेजी से काम कर रहीं हैं।
सेना ने तीन वजहें गिनाकर सरकार से कहा है कि कश्मीर में सीजफायर बढ़ाना उचित नहीं। सीमा पार तैयार हुए 450 आतंकी: भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इन 450 आतंकियों में से ज्यादातर जैश के आतंकी हैं, जिन्हें पाकिस्तान आर्मी ने नियाली प्रांत में ट्रेनिंग दी है। पिछले कुछ महिनों में जम्मू कश्मीर में अटैक करने के लिए आईएसआई ने ज्यादातर जैश के आतंकियों का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा पाकिस्तान के जूरा में एसएसजी ने 61 लश्कर के आतंकियों को ट्रेनिंग दी है, वहीं बोई, मदरपुर, फागोश और देवलियान प्रांत में फिदायीन हमलों के लिए लश्कर के आतंकियों को तैयार किया है।
घाटी में कई आतंकी: पहले से मौजूद इस रिपोर्ट की मानें तो घाटी में अटैक करने के लिए फिलहाल 127 आतंकी भीमबेर गली के सामने, नौशेरा और पूंछ में 30-30, कृष्णा घाटी में 35, तंगधार में 61, केरान में 50, माछिल में 42, गुरेज में 16, उरी में 47 और नौगांव व रामपुर में 7-7 आतंकी मौजूद है।


Digital Desk: Administrator

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।