श्रीगुफारा मुठभेड़ में तीन आतंकियों का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले पिछले साल नवंबर में जम्मू-कश्मीर के जकूरा में ही एक आतंकी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ही ली थी। इस हमले में एक पुलिसकर्मी भी शहीद हुआ था। इसके बाद इस्लामिक स्टेट को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसी सतर्क हो गई थी।
कौन है ISJK?
इस्लामिक स्टेट ऑफ जम्मू कश्मीर को आईएसआईएस का ही संगठन माना जाता है। यह संगठन भारत में युवाओं को इस्लाम के नाम पर भड़काकर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करता है। कुछ समय पहले सरकार ने भारत में इस्लामिक स्टेट के होने की खबर से इनकार किया था, लेकिन श्रीगुफारा मुठभेड़ इस संगठन की मौजूदगी का ताजा उदाहरण है।
गौरतलब है कि श्रीगुफारा में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है। खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने इलाके में कार्रवाई शुरू की थी। बता दें, सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में भी आतंकियों के खिलाफ एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन के बीच इलाके में तनाव के मद्देनजर कड़े सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।
त्राल में मार गिराए गए थे तीन आतंकवादी
बता दें कि पुलवामा जिले में दो दिनों पहले ही सेना और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हो चुकी है। मंगलवार को हुई इस मुठभेड़ के दौरान सेना ने 3 आतंकियों को मार गिराया था। इन आतंकियों के पास से एके-47 राइफल समेत अन्य सामान बरामद हुए थे। वहीं ऑपरेशन के दौरान सेना ने उस घर को भी उड़ा दिया था, जिसमें आतंकियों ने पनाह ली थी।
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