पीएम की सुरक्षा की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (सीपीटी) को इन नए नियमों से अवगत करा दिया गया है। उन्हें खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है और ताकीद की गई है कि अगर जरूरत हो तो मंत्रियों और अधिकारियों की भी तलाशी ली जाए। आपको बता दें कि पुणे पुलिस द्वारा सात जून को अदालत में यह कहे जाने के बाद कि प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से कथित संबंध को लेकर गिरफ्तार किये गये पांच लोगों में एक के दिल्ली निवास से उसे एक पत्र मिला है और उस पत्र में राजीव गांधी की भांति ही नरेंद्र मोदी की हत्या करने की कथित योजना का जिक्र है , प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की हाल में बड़ी बारीक समीक्षा की गई।
इसके अलावा, हाल ही में प्रधानंमत्री मोदी की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान एक व्यक्ति उनके पैर छूने के लिए सुरक्षा के सात घेरे को तोड़ते हुए उनतक पहुंच गया। इन घटनाओं के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री की जिंदगी पर खतरे के बारे में सूचनाएं मिलने के आलोक में उनकी सुरक्षा की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख राजीव के साथ बैठक की। उस बैठक में गृहमंत्री ने निर्देश दिया था कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा इंतजाम में उपयुक्त मजबूती लाने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
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