मृतकों में परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य 75 वर्षीय महिला नारायण की गला दबाकर हत्या की गई है। वहीं अन्य मृतकों में महिला नारायण की सबसे बड़ी विधवा बेटी प्रतिभा (60), प्रतिभा की बेटी प्रियंका (30), बुजुर्ग महिला नारायण का बड़ा बेटा भूपि (46), भूपि की पत्नी सविता (42), भूपि की बेटी नीतू (24), भूपि की छोटी बेटी मीनू (22), भूपि का छोटा बेटा धीरू (12), मां नारायण का छोटा बेटा ललित (42), ललित की पत्नी टीना (38), ललित के 12 साल का एक बेटा मृतकों में शामिल है।
पुलिस ने बताया कि इनमें 10 शव जाल के फंदे में लटके मिले जबकि एक बुजुर्ग महिला का शव फर्स्ट फ्लोर से बरामद किया । वहीं आस-पड़ोस के लोगों का कहना है कि पूरा परिवार पिछले 22-23 सालों से यहां रह रहा था, सभी में काफी प्यार था, कभी कोई झगड़े की बात सामने नहीं आई। इनका दूध, प्लाईवुड और किराना का कारोबार था। वहीं मृतका नारायण का तीसरा बेटा चित्तौड़गढ़ में रहता है, वह सिविल कांट्रेक्टर है।
दूध की दुकान होने पर लोग यहीं से दूध लेते थे। आज सुबह भी एक पड़ोसी दूध लेने गया तो देखा कि दुकान बंद थी लेकिन घर का दरवाजा खुला था। उसने अंदर जाकर देखा तो घर के कुछ सदस्यों के शव जाल के फंदे में लटके हुए थे। पड़ोसी ने इसकी सूचना इलाके को दी और पुलिस को सूचित किया गया। एक साथ परिवार के सभी सदस्यों की इस तरह मौत से पुलिस भी हैरान है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।