उत्तरप्रदेश के गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या
(India) उत्तरप्रदेश के गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी (51) की सोमवार को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में आज बजरंगी की पेशी होनी थी, इसी कारण उसे रविवार देर रात झांसी जेल से बागपत लाया गया था। बताया जा रहा है कि कुख्यात अपराधी सुनील राठी और विक्की सुनहेड़ा के साथ उसे तन्हाई बैरक में रखा गया था। प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने बजरंगी की हत्या किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बागपत जेल के जेलर, डिप्टी जेलर समेत चार जेलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। ज्यूडिशियल इंक्वायरी के भी आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पत्नी ने दस दिन पहले जताई थी आशंका: 29 जून को मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने कहा था, "मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक ये बात पहुंचाना चाहती हूं कि मेरे पति की जान को खतरा है। उन्हें उचित सुरक्षा दी जाए। उनके फर्जी एनकाउंटर की साजिश रची जा रही है। यूपी एसटीएफ, पुलिस के अधिकारी और कुछ सफेदपोश षड्यंत्र कर रहे हैं कि उन्हें फर्जी एनकाउंटर में मार दिया जाए।"
9 साल पहले हुआ था गिरफ्तार: मुन्ना बजरंगी का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह था। 1967 में उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले के पूरेदयाल गांव में पैदा हुए मुन्ना ने पांचवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उसे हथियार रखने का बड़ा शौक था। अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए बजरंगी ने 1984 में लूट के बाद एक व्यापारी की हत्या कर दी। भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या करके पूर्वांचल में अपना दम दिखाया और उसके बाद उसने कई लोगों की जान ली। बजरंगी भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में भी आरोपी था। भाजपा विधायक की हत्या के अलावा कई मामलों में उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ और सीबीआई को मुन्ना बजरंगी की तलाश थी। उस पर सात लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया था। मुन्ना झांसी में तकरीबन एक साल से बंद था।

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