सर आज फिर मैं रात में ठीक तरह से नहीं सो पाई। मुजफ्फरपुर के बालिका गृह की बेटियों की चीखें मुझे पिछले कई दिनों से सोने नहीं दे रहीं। उनके दर्द के सामने पूरे देश का सिर शर्म से झुक गया है। मैं चाहकर भी उस दर्द को अपने आप से अलग नहीं कर पा रही हूं और इसलिए आपको यह खत लिख रही हूं। मैं जानती हूं कि बिहार मेरे कार्यक्षेत्र में नहीं आता है देश की एक महिला होने के नाते मैं यह खत लिख रही हूं। आशा है आप मेरा यह खत जरूर पढ़ेंगे।
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