सुषमा स्वराज मॉरीशस में हिंदी सम्मेलन की पारदर्शिता की नई शुरुआत करेंगी
(DELHI, DELHI) मॉरीशस विश्व हिंदी सम्मेलन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पारदर्शिता की नई शुरुआत करेंगी। भोपाल हिंदी सम्मेलन में विभिन्न सूत्रों पर की गई अनुशंसाओं पर कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट मॉरीशस में प्रस्तुत की जाएगी। इस मकसद से एक खास सत्र का आयोजन भोपाल से मॉरीशस तक आयोजित किया जा रहा है। अनुशंसा अनुपालन समिति की रिपोर्ट के आधार पर पिछले सम्मेलन के हर सत्र में की गई अनुशंसा और उसके आधार पर की गई कार्रवाई का ब्योरा सम्मेलन में उपलब्ध कराया जाएगा। 11वां विश्व हिंदी सम्मेलन मॉरीशस में 18 से 20 अगस्त तक आयोजित होगा। इस बार सम्मेलन में भाषा से एक कदम आगे बढ़ते हुए भाषा के माध्यम से संस्कृति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने जानकारी दी कि मॉरीशस में भाषा और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। सम्मेलन में व्यापकता व भव्यता का पुट होगा, साथ ही पिछले सम्मेलन में करीब दर्जन भर सत्र की अनुशंसाओं पर हुए काम की रिपोर्ट भी दी जाएगी। पहली बार इस तरह की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। भोपाल सम्मेलन में हुई अनुशंसाओं की कार्यवाही का वृत्त मौखिक व लिखित रूप से दिया जाएगा। इस पर एक पुस्तक व स्मारिका भी छापी गई है। चर्चा के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करने की पूरी रुपरेखा तैयार की गई है। इस बार सम्मेलन में आठ सत्र विभिन्न विषयवस्तु पर होंगे।

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