विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने जानकारी दी कि मॉरीशस में भाषा और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। सम्मेलन में व्यापकता व भव्यता का पुट होगा, साथ ही पिछले सम्मेलन में करीब दर्जन भर सत्र की अनुशंसाओं पर हुए काम की रिपोर्ट भी दी जाएगी। पहली बार इस तरह की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है। भोपाल सम्मेलन में हुई अनुशंसाओं की कार्यवाही का वृत्त मौखिक व लिखित रूप से दिया जाएगा। इस पर एक पुस्तक व स्मारिका भी छापी गई है। चर्चा के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करने की पूरी रुपरेखा तैयार की गई है। इस बार सम्मेलन में आठ सत्र विभिन्न विषयवस्तु पर होंगे।
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