इसके बाद व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि सदन दो स्तंभों नियम और परंपरा पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि सदन की परंपरा रही है कि शुक्रवार को लंच टाइम के बाद केवल गैर सरकारी कामकाज होता है। ऐसे में दो विधेयकों को लिया जाना कहां तक उचित है। नायडू ने उनकी आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि उनके कक्ष में विभिन्न दलों के नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी उसी के आधार पर उन्होंने दो सरकारी विधेयकों पर चर्चा कराए जाने की घोषणा की है। इस पर डेरेक अपने दल के अन्य सदस्यों के साथ सदन से बाहर चले गए।
उच्च सदन में इसके बाद सपा के विशंभर प्रसाद निषाद के गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा शुरू हुई। विशंभर ने अपने संकल्प को जब चर्चा के लिए पेश किया तब नायडू ने कहा कि वह एक बार फिर स्पष्टीकरण देना चाहते हैं। नायडू ने कहा कि आज गैर सरकारी कामकाज के बाद सदन में दो विधेयकों पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि तीन तलाक संबंधी विधेयक पर आज सदन में चर्चा नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि आज उच्च सदन की कार्यावलि में विचार एवं पारित किए जाने वाले सरकारी विधेयकों में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक भी सूचीबद्ध था।
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