केरल बाढ़ में मुंबई से 55 और पुणे से 26 डॉक्टर्स की टीम दवाइयों से साथ तिरुअनंतपुरम रवाना
(KERALA, KERALA) केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हजारों लोग अब भी सुरक्षित निकाले जाने की आस लगाए हुए हैं। अलप्पुझा, त्रिशूर और एर्णाकुलम जिलों के कई इलाकों में अब भी कई लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं, जहां उनके पास भोजन और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि इस दक्षिणी राज्य में अगले चार दिन तक भारी बारिश नहीं होगी। मालूम हो कि बाढ़ के चलते अब तक 357 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। और लाखों लोग बेघर हो गए हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरएफ) के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों से विभिन्न एजेंसियों ने 33,000 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला है। वहीं राहत शिविरों में करीब छह लाख लोग मौजूद हैं। वहीं रविवार को नौसेना का विमान भारी मात्रा में राशन-पानी लेकर पहुंचा।

केरल में आई भीषण बाढ़ की वजह से कई तरह की बीमारियां फैलने की आशंका भी पैदा हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि केरल के हालात पर हमारी लगातार निगाह है। स्वास्थ्य सचिव डिजीज सर्विलांस नेटवर्क के जरिये स्थिति की निगरानी कर रही हैं।

केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए छत्तीसगढ़ के पुलिस अफसरों ने अपना एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है। केरल में सदी के भीषण बाढ़ में देश-दुनिया के लोग मदद का हाथ बढ़ा रहे हैं। अब इसमें छत्तीसगढ़ आइपीएस एसोसिएशन और राज्य पुलिस एसोसिएशन भी सामने आया है। अफसरों ने बताया कि उन्होंने एक दिन का वेतन केरल आपदा फंड में देने का निर्णय लिया है। राज्य सेवा के पुलिस अधिकारियों ने भी अपना वेतन केरल के मुख्यमंत्री आपदा कोष में देने का निर्णय लिया है।

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