केरल बाढ़ के दौरान जर्मनी गए थे वन मंत्री लौटकर मांगी माफी
(KERALA, KERALA) केरल के वन मंत्री के.राजू ने राज्य में आई भीषण बाढ़ के बावजूद जर्मनी का दौरा करने के लिए गुरुवार को माफी मांगी है।एक टीवी चैनल से बात करते हुए मंत्री ने स्वीकार किया कि उनके दौरे का समय गलत था।

राजू ने कहा मैं जर्मनी के बॉन के समीप विश्व मलयाली परिषद के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 16 अगस्त को गया था। मैं चार दिनों में लौट गया लेकिन उस समय प्रदेश में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण से बाहर जा चुकी थीदौरे का समय खराब और गलत था।पूरे विपक्ष और उनकी पाटीर् के एक धड़े ने राजू को हटाए जाने की मांग की है।

भारत ने साफ कर दिया कि वह अपनी एक मौजूदा नीति के तहत बाढ़ प्रभावित केरल के लिए विदेशी सरकारों से वित्तीय सहायता स्वीकार नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि सरकार केरल में राहत और पुनर्वास की जरूरतों को घरेलू प्रयासों के जरिए पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। केरल में बाढ़ राहत अभियानों के लिए कई देशों ने मदद की घोषणा की है।

एक ओर यूएई ने केरल को 700 करोड़ रूपये की पेशकश की है वहीं कतर ने 35 करोड़ रूपये और मालदीव ने 35 लाख रूपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। हालांकि कुमार ने कहा कि गैर प्रवासी भारतीयों और फाउंडेशनों जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजे गए चंदे का स्वागत है।केरल सरकार यूएई से चंदा स्वीकार करने की इच्छुक है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि यूएई से बाढ़ राहत सहायता प्राप्त करने में यदि कोई बाधा है तो उसे दूर करने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करेगी

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