वहीं, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर बढ़ते विवाद के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी कदम उठाया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मानक प्रक्रिया का उचित पालन नहीं किया गया और यह मानवाधिकार उल्लंघन के बरारबर माना जा सकता है। आयोग ने महाराष्ट्र पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया और मामले में चार सप्ताह के भीतरतथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी।
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