पुलिस जांच में पता चला कि छात्रा ने अपने साथ हुई घटना को थोड़ी देर बाद ही हॉस्टल की आया मंजू को बताया था। इसके बाद उसे सुनने को मिला कि उसी की गलती है, लिहाजा वह चुप रहे। इसके बाद मंजू ने अगले दिन इस बात को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की पत्नी तनु मल्होत्रा को बताया। तनु ने छात्रा को बुलाया और कहा कि वह चुप रहे, नहीं तो उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा। बात धीरे धीरे प्रिंसिपल और डायरेक्टर के पास भी गई। उन्होंने भी पीड़ित छात्रा को अपने पास बुलाया और दो टूक कहा कि यह सब उसी की गलती के कारण हुआ है। अगर यह बात वह किसी को बताएगी तो उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा।
पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह इसी डर से चुप रही, लेकिन चार दिन पहले जब उसे मासिक धर्म नहीं हुआ तो वह घबरा गई। उसने अपनी सहेलियों से पूछा तो उन्होंने गर्भवती होने जैसी बात बताई। इसे लेकर वह डायरेक्टर से मिलना चाह रही थी, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद शनिवार को उसे अपने कमरे में बुलाया और डॉक्टर के पास चलने को तैयार रहने को कहा। यही नहीं, आरोप है कि डायरेक्टर ने उसे धमकी दी कि गर्भपात कराने के बाद उसे स्कूल से निकाल देगी।
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