सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ याचिका हुऐ दायर
(DELHI, DELHI) मुस्लिमों में तीन तलाक को अपराध घोषित करने संबंधी अध्यादेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गयी है। सुन्नी मुस्लिम उलेमा संगठन'समस्त केरल जमीयत-उल उलेमा'ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर करके इस संबंध में हालिया अध्यादेश को चुनौती दी है। संगठन ने वकील पी एस जुल्फीकर के जरिये दायर अपनी याचिका में कहा है कि मुस्लिम महिला (अधिकार एवं विवाह संरक्षण) अध्यादेश 2018 संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन है।

याचिककर्ता का कहना है कि सरकार ने तीन तलाक अध्यादेश लाने के लिए संविधान के अनुच्छेद का दुरुपयोग किया है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 19 सितम्बर को इस बाबत अध्यादेश जारी किया था, जिसे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी थी और गजट में प्रकाशित होने के साथ ही वह उसी दिन से अमल में आ गया। इस अध्यादेश के माध्यम से सरकार ने तीन तलाक को गैर-कानूनी बनाया है और इसके तहत तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है। तीन तलाक से संबंधित विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है लेकिन राज्यसभा में यह अटक गया था। इसके मद्देनजर सरकार यह अध्यादेश लायी है।

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