केंद्र के महत्वपूर्ण आधार कार्यक्रम और इससे जुड़े 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर आज उच्चतम न्यायालय अपना महत्वपूर्ण फैसला सुना सकता है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 38 दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद 10 मई को मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। मामले में उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश के एस पुत्तास्वामी की याचिका सहित कुल 31 याचिकाएं दायर की गयी थीं।
उच्चतम न्यायालय देश भर में अदालती कार्यवाही के सीधे प्रसारण या वीडियो रिकार्डिंग दिखाने की अनुमति देने संबंधी विभिन्न याचिकाओं पर आज अपना निर्णय सुना सकता है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा न्यायमूर्ति एम एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने 24 अगस्त को इस मुद्दे पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। पीठ का कहना है कि वह अदालतों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए खुली अदालत की परिकल्पना को लागू करना चाहती है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।