उस घटना में विवेक तिवारी नाम के व्यक्ति की मौत हुई है। विवेक तिवारी के साथ उनकी एक महिला अधिकारी उनके साथ थी। दोनों कि एक ही कंपनी में करते थे। एक जगह जब गाड़ी खड़ी थी तो यूपी पुलिस के दो सिपाही चेतक पर खड़े थे, उन्होंने गाड़ी को इंटरसेप्ट किया और कहा कि गाड़ी से बाहर आए उन्होंने गाड़ी से निकलने की मना कर दिया और गाड़ी को चेतक पर चढ़ाने की कोशिश।
उन्होंने आगे कहा कि ये अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस द्वारा फ़ौरन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। किसी भी पुलिस अधिकारी को सेल्फ डिफेंस के तहत जान लेने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह हत्या का ही मामला है जो पुलिसकर्मियों ने किया है। इसी के तहत उन पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई हो गई है। पोस्टमार्टम में भी इस बात की पुष्टि हुई है गन शॉट इंजरी से विवेक की मौत हुई है।
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